अभिशप्त हवेली
गाँव के किनारे एक पुरानी, जर्जर हवेली थी, जिसे लोग "अभिशप्त हवेली" कहते थे। उस हवेली के बारे में कहा जाता था कि जो भी रात को वहाँ गया, वह फिर कभी वापस नहीं लौटा। लेकिन यह कहानी आर्यन और उसके दोस्तों के लिए केवल एक अफवाह थी।
एक रात, साहस दिखाने के लिए आर्यन और उसके तीन दोस्त—राज, नेहा, और सौरभ—उस हवेली में जाने की योजना बनाते हैं। चाँदनी रात थी, और हवेली के चारों ओर अजीब सी खामोशी पसरी हुई थी। दरवाजे के पास पहुंचते ही आर्यन ने मज़ाक में कहा, "डरने की बात नहीं, ये सब बस कहानियाँ हैं।"
हवेली का रहस्य
जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, एक अजीब ठंडी हवा का झोंका आया, मानो हवेली ने उन्हें अंदर आने का न्योता दिया हो। अंदर चारों ओर धूल, जाले और टूटी हुई चीज़ें बिखरी हुई थीं। अचानक, नेहा ने एक पुरानी तस्वीर देखी जिसमें एक अजनबी महिला थी। उसके चेहरे पर अजीब सी मुस्कान थी, जो सीधे उनकी तरफ देख रही थी।
राज ने मजाक में कहा, "ये तुम्हें घूर रही है, नेहा!" लेकिन नेहा को ऐसा लगा मानो वह महिला तस्वीर से बाहर आना चाह रही हो।
डरावनी घटनाएँ शुरू होती हैं
जैसे ही वे हवेली के और अंदर गए, अचानक एक भारी दरवाजा अपने आप बंद हो गया। चारों चौंक गए। सौरभ ने हिम्मत करके कहा, "कोई बात नहीं, यह पुरानी हवेली है, हवा से बंद हो गया होगा।" लेकिन जब उन्होंने मुड़कर देखा, तो दरवाजे पर लाल रंग से "चले जाओ" लिखा हुआ था।
नेहा घबराकर चिल्लाई, "हमें यहाँ से निकलना चाहिए!" लेकिन आर्यन ने उन्हें शांत रहने को कहा। तभी एक अजीब सी आवाज गूँजने लगी—मानो कोई किसी को बुला रहा हो।
छतरी पर छाया
वे सभी पहली मंज़िल पर जाने के लिए सीढ़ियों की ओर बढ़े। जैसे ही वे ऊपर पहुँचे, एक बड़ा कमरा नजर आया। कमरे के बीचों-बीच एक पुरानी छतरी लटक रही थी। अचानक वह छतरी झूलने लगी, जैसे उसे किसी ने छुआ हो।
नेहा ने पीछे मुड़कर देखा तो उसे लगा कि कोई साया सीढ़ियों पर खड़ा है। "वो देखो!" नेहा ने चीखते हुए कहा। लेकिन जब बाकी लोग मुड़े, तो वहाँ कुछ नहीं था।
अंतिम सच
चारों ने फैसला किया कि अब और रुकना खतरे से खाली नहीं है। जैसे ही वे नीचे जाने लगे, हवेली की दीवारों पर खून से लिखे शब्द उभरने लगे—"तुमने मेरी नींद खराब कर दी, अब इसकी सजा मिलेगी।"
अचानक बिजली की चमक के साथ एक महिला की आकृति उनके सामने प्रकट हुई। वह वही महिला थी, जो तस्वीर में थी। उसकी आंखें जल रही थीं, और उसकी चीख ने पूरे माहौल को ठंडा कर दिया।
चारों घबराकर भागने लगे। लेकिन सौरभ अचानक गायब हो गया। जब उन्होंने उसे ढूंढने की कोशिश की, तो केवल उसकी चीखें सुनाई दीं।
आर्यन, नेहा, और राज किसी तरह दरवाजे तक पहुंचे और बाहर निकल गए। लेकिन जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो सौरभ का कोई निशान नहीं था। वह हमेशा के लिए हवेली में कैद हो गया।
सबक
उस घटना के बाद, आर्यन, नेहा, और राज ने कभी भी उस हवेली की ओर मुड़कर नहीं देखा। गाँव में अब यह कहानी और भी डरावनी हो गई थी। लोग कहते हैं कि जो भी हवेली में घुसता है, वह वहाँ की आत्माओं का शिकार बन जाता है।
और सौरभ? उसकी चीखें अब भी हवेली के अंदर सुनाई देती हैं।
क्या आप उस हवेली के करीब जाने की हिम्मत करेंगे